एक थीं गौरा देवी: एक माँ के बहाने चिपको आन्दोलन की याद – 4 [पिछ्ले भागों में आपने पढ़ा कि किस प्रकार शेखर पाठक जी अपने साथियों के साथ गौरा देवी से मिले , कैसे हुई चिपको की शुरुआत और क्या हुआ चिपको आंदोलन के बाद ,आज जानते है कि कैसे चिपको आंदोलन को कुछ लोगों ने हथिया लिया। प्रस्तुत है लेख की अंतिम किश्त। ] गौरा देवी अपने जीवन के अन्तिम वर्षों में गुर्दे और पेशाब की बीमारी से परेशान रहीं। पक्षाघात भी हुआ। पर किसी से उन्हें मदद…
Read More