उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आन्दोलन में अनेक लोगों ने योगदान दिया। कुछ लोग शहीद हुए तो कुछ लोगों नें अपनी कलम के माध्यम से अपनी बात रखी, चाहे वह गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’ हों या फिर नरेन्द्र सिंह नेगी। नेगी जी के गाये कुछ गीत जैसे “मथि पहाड़ु बटि, निस गंगाड़ु बटि..उत्तराखण्ड आन्दोलन मां” या फिर “हिट स्यालि धर हाथ थाम्बाली चल उत्तराखंडे रैली मा, रैली मा” हम पहले ही प्रस्तुत कर चुके हैं, आज प्रस्तुत है उन्ही का गाया एक ऐसा ही गीत। “मुट्ट बोटीकि रख” यानि अपनी मुट्ठी कस…
Read Moreआवा दिदा भुलौं आवा, नांग धारति की ढकावा , डाळि बनबनी लगावा
वनों पर मानव समाज की निर्भरता हमेशा से ही रही है, लेकिन बढते जनसंख्या के दवाब और औद्यौगिकरण के लिये जंगलों के अनियंत्रित दोहन से असन्तुलन की चिन्ताजनक स्थिति पैदा हो चुकी है। इस समय “ग्लोबल वार्मिंग ” और अन्य पर्यावरणीय मुद्दों पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर गम्भीर विचार-विमर्श चल रहा है लेकिन आम लोगों की सहभागिता के बिना पर्यावरण संरक्षण का कोई भी प्रयास सफल हो पायेगा ऐसा सोचना मूर्खता ही कहा जायेगा। उत्तराखण्ड की भौगोलिक स्थिति मध्य हिमालय के लिये बहुत महत्वपूर्ण और नाज़ुक है और इस इलाके के…
Read Moreरंग-रंगिलि बहार ऐगे होरी की
बसंत का मौसम उल्लास, प्रेम, नवजीवन का प्रतीक है। बसंत के मौसम में पृकृति अपने पूरे यौवन पर होती। इस मौसम में उत्तराखंड की धरती भी दुल्हन की तरह सज जाती है। इसी लिये नरेन्द्र सिंह नेगी जी कहते हैं “मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि” । इसी मौसम में होली का त्यौहार भी मनाया जाता है। पूरे देश में मनाई जाने वाली होली के बीच उत्तराखण्ड की होली के रंग अलग ही हैं। यहाँ होली मात्र रंगो का त्यौहार ना होकर संगीत व सामूहिक अभिव्यक्ति…
Read Moreमैं नि करदु त्वैं से ते बात, बोल चिट्ठी किले नि भैजि
नरेन्द्र सिंह नेगी जी के गाये युगल प्रेम-गीत श्रोताओं का मनमोहते रहे है। चाहे वह ज्यू त यन बौनूं च आज नाच नाचि की या फिर त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु हो। आज प्रस्तुत है उन्ही का गाया एक और प्रेम गीत। नरेन्द्र नेगी जी ने यह प्रसिद्ध युगल गीत सुपरहिट गढवाली फिल्म “घरजवैं” में अनुराधा निराला के साथ गाया था। फिल्म घरजवैं 1986 में रिलीज हुई थी। यह गाना इतना वास्तविक लगता है कि इसे सुनने में किसी प्यार भरे वार्तालाप को सुनने का रस…
Read MoreFolk Dances Of Uttarakhand-Documentry by Yugmanch
Introduction to “Uttarakhand Ke Lok Nritya,” a 1-hour documentary produced by Yugmanch Nainital in 2006. A booklet was also prepared with the VCD and is available from either Yugmanch or PAHAR. Featuring the Jhora, Chanchari, Chapeli and Cholia dance forms of Kumaon. Hosted by “Girda” Girish Tiwari & Shekhar Pathak Directed by Zahoor Alam Copyright 2006 Yugmanch, Nainital
Read Moreकैसे बचें तनाव से ?
पिछ्ले भाग में हमने देखा कि किस प्रकार शहर की भागमभाग ज़िंदगी मनुष्य को तनाव से भर देती है और मनुष्य अपनी याद्दास्त भी खोने लगता है। लेकिन, क्या इस स्थिति से बचने का कोई रास्ता है? कई मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ‘हां है।’ मिशिगन विश्विद्यालय के मनोविज्ञानी स्टेफेन कैप्लान द्वारा विकसित ‘आर्ट’ यानी अटेंशन रेस्टोरेशन थ्योरी इसका रास्ता है। और, कैप्लान ने जो रास्ता सुझाया, वह है प्रकृति की शरण लेना। कल्पना कीजिए कि कहीं कोई साफ-सुथरी झील है। उसके आसपास नाना प्रकार के पेड़-पौधों की हरियाली बिखरी…
Read Moreमन क्यों परेशान है इस शहर में
अब तक हम सिर्फ सुनते और अनुभव करते थे कि शहर में जिंदगी बेहद तनाव भरी होती है। लेकिन, अब वैज्ञानिकों ने शोध से साबित कर दिया है कि यह सच है। सच है कि शहर की व्यस्त सड़कें और भीड़ भरे बाजार हमारे दिलो-दिमाग को लगातार बीमार बना रहे हैं। शहर में फैले कंक्रीट के जंगल के किसी कोने में, कहीं किन्हीं ऊंची इमारतों के बीच किसी फ्लैट या अपार्टमेंट में एक टुकड़ा हरियाली, धूप और आसमान के लिए तरसती जिंदगी हमें हरदम तनाव से भरती रहती है। अब…
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